वाराणसी में नागरिकता कानून का जबरदस्त विरोध बेनिया पर भांजनीं पड़ीं लाठियां

वाराणसी में नागरिकता कानून का जबरदस्त विरोध बेनिया पर भांजनीं पड़ीं लाठियां(Strong opposition to citizenship law in Varanasi; Benia lashes out): नागरिकता कानून के खिलाफ गुरुवार को वाराणसी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। वाराणसी में पहले शास्त्री घाट फिर जिला मुख्यालय पर सपाइयों ने प्रदर्शन किया। बेनियाबाग-चेतगंज मार्ग पर विभिन्न दलों और  प्रतिवाद मार्च निकाल रहे लोगों से पुलिस की झपड़ हो गई। सभी को गिरफ्तार कर पहले पुलिस लाइन फिर जेल भेज दिया गया। इसी बीच दालमंडी से नई सड़क पर आए युवकों को पहले पुलिस ने समझाने की कोशिश की बाद में लाठी भांज कर खदेड़ दिया।

Strong opposition to citizenship law in Varanasi; Benia lashes out

Strong opposition to citizenship law in Varanasi; Benia lashes out

 

वाराणसी में पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सपा नेताओं ने वरुणा पुल स्थित शास्त्री घाट पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सरकार नागरिकता संशोधन जैसे कानून को वापस ले। सरकार को यदि काम करना है, तो नवयुवाओं को रोजगार देने और किसानों के हित में काम करना चाहिए। सपाइयों ने केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों को कोसा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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उधर मुस्लिम बाहुल्य दालमंडी इलाके से सैकड़ों की संख्या में युवा सड़क पर आ गए और बेनिया जाने की कोशिश करने लगे। नईसड़क पर लंगड़ा हाफिज मस्जिद के पास जुटे युवाओं ने पहले पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की फिर मार्च निकालने लगे। इन्हें समझाने के लिए पहले एसपी सिटी, एडीएम सिटी के साथ भारी संख्या पहुंचीं। फिर खुद एडीजी जोन बृज भूषण नई सड़क पहुंचे।

बेनिया के रास्ते पर बेरिकेड लगाकर किसी को उधर जाने नहीं दिया गया। मजमा बढ़ने पर आसपास की ज्यादातर दुकानें भी बंद हो गईं। युवकों को जब मेन रोड से बेनिया की तरफ नहीं जाने को मिला तो वह टेलिफोन एक्सजेंच की तरफ से जाने लगे। पहले तो पुलिस ने उन्हें दालमंडी की ओर मुड़ने की ताकीद करते हुए जाने दिया। इसी बीच युवक दालमंडी के बजाए सीधे हड़हा की तरफ जाने लगे तो लाठियां भांजकर खदेड़ दिया।

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वहीं, वाराणसी में धारा 144 लगी होने के बाद भी एक तरफ सपाइयों ने धरना प्रदर्शन किया तो दूसरी तरफ चेतगंज इलाके में विभिन्न दलों ने प्रतिवाद मार्च निकाला। अशफाकुल्लाह खां और रामप्रसाद बिस्मिल के शहादत दिवस पर नागरिकता बिल का विरोध करने बीएचयू की ज्वाइंट एक्शन कमेटी, साझा संस्कृति मंच, वामपंथी संगठन आदि ने मार्च निकालने की कोशिश की।पुलिस ने पहले मार्च करने से इन्हें रोका। न रुकने पर गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। जुलूस में शामिल पूर्व आप नेता संजीव सिंह ने कहा कि प्रशासन ने हमें इजाजत दी है। हम शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। फिर भी गिरफ्तारी की जा रही है। दोपहर बाद सभी को जेल भेज दिया गया। वहीं, गिरफ्तारी के विरोध में काफी संख्या में महिलाएं मुख्यालय पहुंच गई और पुलिस लाइन तक जुलूस निकाला।

इस हंगामे के देखते हुए बेनियाबाग, मदनपुरा, जैतपुरा, कज्जाकपुरा, लोहता, चौक आदि इलाकों में विशेष चौकसी बढ़ा दी गयी है। साथ ही रेलवे स्टेशन, रोडवेज, सार्वजनिक स्थल और मिश्रित आबादी में अर्द्धसैनिक बलों को उतारा गया है। विश्वविद्यालय, कॉलेज आदि शिक्षण संस्थानों में काफी संख्या में फोर्स तैनात है। यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डीएम व एसएसपी ने फोर्स के साथ शहर के कई इलाकों में रूट मार्च कर रहे हैं। डीएम का कहना है कि बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस, प्रदर्शन या मार्च निकालने वालों के खिलाफ सख्ती से निबटा जाएगा।

 

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